रिश्वतखोरी में मध्यप्रदेश की अफसर

· Indore

रिश्वतखोरी में मध्यप्रदेश की अफसर

भोपाल। लोकायुक्त के आंकड़े बता रहे हैं कि इंदौर में 8 माह में 10 महिला कर्मचारी रिश्वत में पकड़ी हैं।

भोपाल में 4 को रिश्वत लेते धरा गया। जबलपुर में 3, ग्वालियर में 2 मामले दर्ज हुए। रीवा, सीधी, सागर, उज्जैन और मंदसौर में 1-1 केस हुआ है। इंदौर में रिश्वत की रकम दो हजार से लेकर एक लाख रुपए तक रही। भोपाल में ढाई हजार से लेकर डेढ़ लाख तक मांगे गए। ग्वालियर के मामले में 20 हजार रुपए मांगे गए। जबलपुर में 5 हजार, रीवा में 8 हजार, सीधी में 10 हजार और उज्जैन में 15 हजार रुपए मांगे गए।

इंदौर में जिला परियोजना अधिकारी एक लाख रुपए लेते पकड़ाई थी, वहीं स्कूल की प्राचार्य पर भी रिश्वत का आरोप लगा। पटवारी प्रियंका, महिला और बाल विकास विभाग की अंजलि भी धरी गईं। एक केस आयुष कार्यालय से जुड़ा है। वहां महिला अधिकारी का पति रिश्वत लेने पहुंचा था। 10 हजार रुपए लेते धरा गया।

मध्यप्रदेश में हर साल औसतन रिश्वत के 200 मामले आते हैं। एक अप्रैल, 2025 से अब तक 213 रिश्वत के केस दर्ज हुए हैं। 2022-23 से अब तक हजार से ज्यादा केस हैं। अलग-अलग विभागों के 1370 कर्मचारी, अधिकारी पकड़े हैं। राज्यों के लिहाज से महाराष्ट्र और यूपी भी पहले 5 में हैं।