‘मध्यप्रदेश, यूपी, बिहार वालों को नौकरी पर नहीं रखेंगे’

बेंगलुरू। नामी कंपनी के अधिकारी ने ऐलान किया… ‘उत्तर भारत के पुरुष कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखेंगे। मध्यप्रदेश, यूपी, बिहार और राजस्थान वाले तो कतई नहीं चाहिए। हमारे पास एक महिला कर्मचारी राजस्थान से है… वही ठीक है।’
बेंगलुरू में इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हंगामा हो रहा है। आवाज उठ रही है कि अब तक तो यूपी-बिहार वालों के साथ ही बुरा बर्ताव होता था, लेकिन अब म.प्र., राजस्थान के युवाओं को भी परेशान किया जा रहा है। एआइ और स्पोर्ट्स कंपनी के सीइओ कार्तिक शिनॉय ने एक्स पर मैसेज लिखा। कंपनी की बैठक में भी यही बात दोहराई। दावा कर रहे हैं कि कंपनी इसे पॉलिसी में शामिल करेगी।
हंगामे के बाद कार्तिक ने सफाई दी है कि खराब तजुर्बे के कारण फैसला किया है। कुछ दिन पहले एक लड़के को नौकरी पर रखा था। उसका रिज्यूमे और इंटरव्यू तो ठीक था, लेकिन बाद में बर्ताव बदल गया। महिला साथियों से अच्छे से पेश नहीं आता था। दो चेतावनी के बाद निकालना पड़ा। हमारे पास 32 लोगों की टीम है। उसमें 14 लड़कियां हैं। 12 दक्षिण के राज्यों से हैं।
हमने कई दिन तक उत्तर भारतीयों और दूसरे राज्य वालों के व्यवहार पर निगरानी रखी है। ये लोग शुरू में तो हर चीज में हां करते हैं, फिर मनमानी करते हैं। कानून और दूसरे अधिकारों की आड़ लेकर बचते हैं। कंपनी का माहौल खराब करते हैं। सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। बेंगलुरू की कई कंपनियों के बड़े अधिकारी इस फैसले को सही बता रहे हैं। उत्तर भारत के राज्यों के लोगों ने इसे मनमानी बताया है। सरकारों को दखल देने को कहा है।