करवा चौथ की थाली धरी रह गई... बेघर किया महिला को

इंदौर। करवा-चौथ की थाली सजाई ही थी कि बाहर से आवाज आई कि एसडीएम की कार्रवाई है, पुलिस हैं और दन-दनाते हुए अंदर घुस गए। गब्बर और बसंती (कुत्ते) भौंकने लगे तो कह रहे थे इन्हें चिडिय़ाघर भेज दो... इतना सुन स्वाति कौशिक बाहर निकलीं तो देखा- दस-बाहर मुस्टंडे घर के भीतर थे। इनमें सफेद बाल बाला बॉस था। कुछ समझ पाती कि दो महिलाएं आईं और जबर्दस्ती करने लगीं। गब्बर, बसंती को बचाने के लिए बेडरूम में छुपाया तो कह रहीं थीं छेनी-हथौड़ी लाओ दरवाजा तोड़ देंगे। किचन में पीछे का दरवाजा बंद कर दिया। घर का सामान बिखेरने लगे और हाथापाई की।
स्वाति बोलीं, गुहार लगाई कि घर में कोई नहीं है। लड़की को आ जाने दो। पड़ोसी ने समझाने की कोशिश की तो उन्हें भी झिडक़ दिया। कहने लगे पुलिस साथ में है। थोड़ी ही देर में गब्बर, बसंती के साथ मुझे खींच कर घर से बाहर निकाला और तसीहलदार का बैनर चिपका दिया। बाहर बैंक का कागज चस्पा किया और साथ में ताले पर सील लगा घर की चाबियां ले गए।
स्वाति समझ पातीं, उसके पहले तो बेघर कर दिया। पति विजय कौशिक को फोन लगाया, जो जयपुर में थे। तब तक लडक़ी ने 112 नंबर पर फोन लगा दिया था। गाड़ी आने से पहले सब जा चुके थे। घर से कपड़े या दूसरा सामान तक नहीं लेने दिया। कौशिक ने गुहार लगाई कि भूखी पत्नी के साथ अन्याय किया है । बैंक के कागज और सील की फोटो भेजी तो एसडीएम घनश्याम धनगर ने कहा ऐसी किसी कार्रवाई का आदेश नहीं दिया है और ना किसी एसडीएम या तहसीलदार को कलेक्ट्रेट से भेजा है। कौशिक ने कनाडिय़ा थाना फोन लगाया तो वहां से जवाब मिला कि हमने पुलिस नहीं भेजी है।