दिग्विजय की पदयात्रा में बच्चे ... नोटिस !

· Indore

दिग्विजय की पदयात्रा में बच्चे ... नोटिस !

दैनिक भास्कर के पहले पन्ने पर बड़ा खुलासा है कि तीन महीने में तीसरा शराब-कांड। देवास में तेरह की मौत है। परिवार कह रहा है कि शराब पीने के बाद पहले आंखें गईं, फिर जान। हेमेंद्र शर्मा की दमदार रिपोर्ट है, जो सरकार के लिए मुसीबत बनने वाली है। प्रशासन कह रहा है कि मौत ज्यादा शराब पीने से हुई हैं।

हाइटेंशन लाइन कितनी खतरनाक है, पत्रिका के पहले पन्ने से पता चलता है। बुजुर्ग ने गुटखा खाया और तीसरी मंजिल की बालकनी से थूका। थूक पास से गुजर रही लाइन से टकराया और करंट से प्रभुलाल गुप्ता की मौत हो गई। मामला विदिशा का है। उज्जैन से लिखा है कि आसाराम की तबीयत बिगड़ी है। पंचकर्म करने नहीं पहुंचे अस्पताल। दिग्विजयसिंह की पदयात्रा में बच्चों ने नारे लगाए तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नोटिस थमा दिया है।

नईदुनिया बता रहा है कि रानी सराय में पेड़ काटेंगे, लालबाग में बचेंगे। बड़ी खबर है, जिसमें अदालत भी है। क्या, कुछ हो रहा है, सब छपा है। पत्रिका के मुताबिक, रीगल तिराहे पर पंद्रह में से चौदह दिन हवा खराब रहती है। तस्वीर के साथ है कि हर शाम ट्रैफिक जाम इंदौर की पहचान है। दैनिक भास्कर ने इंदौर से जानकारी दी है कि सेमीकंडक्टर समिट में पंद्रह हजार करोड़ रुपए के निवेश आए हैं और चौदह हजार से ज्यादा रोजगार मिलने की उम्मीद है। जब भी इस तरह की समिट होती है, ऐसे ही आंकड़े दिए जाते हैं, लेकिन आगे क्या होता है, पता ही नहीं लगता। पहले भी समिट हुई हैं और जो दावे थे, क्या उनके मुताबिक नौकरियां मिलीं? क्या उतना निवेश हुआ? हिसाब कौन देगा? जो भी हो, सेमीकंडक्टर समिट को सबने भरपूर जगह दी है।

तरुण तिवारी बता रहे हैं कि सीनियर रेजिडेंसी की भर्ती में गैरों पर करम रहा है। बाहरी छात्र को रखने पर चेतावनी मिली थी। पैंसठ भर्ती कर ली हैं। खबर को भी छोड़ा नहीं जाना चाहिए। शहर में नए बोरिंग की बाढ़ है। रोक लगाने के मामले में सुनवाई अब 28 अक्टूबर को होगी। जानकारी पत्रिका की है। मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का जो काम चल रहा है, उस पर दैनिक भास्कर ने इंदौर फ्रंट पेज पर दिलचस्प खबर लिखी है। पढ़ी जाना चाहिए। भ्रष्टाचारी फिरोज पर जो जांच चल रही है, उसमें सात दिन में अस्सी करोड़ रुपए की काली कमाई सामने आ चुकी है और जांच जारी है। नईदुनिया ने भी भरपूर जगह दी है, लेकिन आंकड़े अलग हैं। यहां अभी चौसठ करोड़ रुपए की पचास संपत्तियां मिली हैं।

दिल्ली में एसआइआर विरोध में जो हंगामा हुआ है और कई को हिरासत में लिया है। ये खबर अगर पढ़ना है तो दैनिक भास्कर में आठ पन्ने पलटने पड़ेंगे, तब जाकर मिलेगी और ज्यादा कुछ मिलता भी नहीं है। नईदुनिया ने ऊपर ही बताया है कि सौरभ के दस्तावेजों में गड़बड़ी है और वेरीफाई नहीं हो पाए हैं। नेहा वोरा के शांति भंग के नोटिस को रद्द करने से हाइकोर्ट ने इनकार कर दिया है।

अगले पन्ने पर ऐलान है कि मकान और कार खरीदने का अभी सुनहरा मौका है, क्योंकि दिसंबर में लागत बढ़ जाएगी और दिवाली के लिए बाजार सजाने की तैयारी है। नरेंद्र मोदी बोल रहे हैं कि समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है। पास में भारत का कहना है कि अल्पसंख्यकों से बर्ताव पर नसीहत देने का पाकिस्तान को हक नहीं है।

तीसरी और चौथी खबर भाजपा की ही है कि लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान चलाएगी। जो जगह बची है, उसमें लिखा है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर फिल्म बनेगी। पन्ना पूरा हो गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने खुलासा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना से टकराव बढ़ा है, जिसकी जानकारी दैनिक भास्कर ने ऊपर ही दे दी है। पूरे मामले को यहां से समझा जा सकता है कि हालात क्या हैं और आखिर अरुणाचल का मामला सुलझता क्यों नहीं है। सरकार का कहना है कि गश्त का तरीका बदलने से सीमा पर तनाव बढ़ा है और कांग्रेस इलजाम लगा रही है कि चीन को क्लीन चिट देने का खामियाजा भुगत रहे हैं। चुनाव से पहले इजराइल में भी हमले होते हैं और देश-विदेश वाले पन्ने से पता चल रहा है कि चुनाव से चार दिन पहले फलस्तीनी हमले में दो सैनिकों की मौत हुई है।

मणिपुर में जो जातीय हिंसा है, दूसरे समुदायों तक फैल गई है। नए पहाड़ी इलाके चपेट में आ गए हैं। ऐसा पत्रिका ने बताया है। पंजाब में अकाली और भाजपा के बीच सात बरस बाद चुनाव लड़ने की राह खुलती दिखाई दे रही है, लेकिन सीटों पर पेंच अभी फंसा हुआ है। लंदन से दैनिक भास्कर के लिए दानिश खान बता रहे हैं कि खुद को अफगानिस्तान का सिख बताकर ब्रिटेन में पनाह मांगी थी। जांच की तो पता चला कि सभी हिंदुस्तानी हैं और यहीं के पासपोर्ट पर गए थे। पन्ने ज्यादा है, इसलिए सारी खबर शामिल कर ली गई हैं, जो आम तौर पर पढ़ने को नहीं मिलती हैं।

मोहम्मद शमी का कहना है कि अभी भी बेस्ट हूं और सिलेक्शन की उम्मीद नहीं छोड़ूंगा। पाकिस्तान क्रिकेट में क्या चल रहा है, इसको भी बड़ी जगह में छापा है। घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बाबर आजम फिर फ्लॉप हुए हैं। सात बरस बाद लौटे थे।