सांवेर-हादसा… घर चलाने वाली चली गई!

सांवेर : निप्र। कल गिरी बिल्डिंग में उस परिवार की गुजर-बसर भी दफ्न हो गई, जिसकी कर्ताधर्ता अकेली रीना ही थी। पति लखन की मौत चार साल पहले हो गई। दो बच्चियां अंजलि (15) और काली (12) की पढ़ाई और दूसरे खर्च रीना की मजदूरी पर ही टिके थे। लड़का कार्तिक (10) मामा के यहां रहता है। बूढ़ी सास भी हाथ बंटाती थी, जो कल के हादसे में गंभीर घायल हुई है। ससुर भी मजदूरी करते हैं।
कल जिन महिलाओं की मौत हुई है, उनमें चंदा, सुशीला और सीमा भी हैं। चंदा के भी तीन बच्चे- भूरी (8), कीर्ति (5) और दिव्यांश (2) हैं। सीमा के बच्चे अतुल (17) और आयुषी (15) हैं। कल हुए हादसे के बाद आज इलाके में सन्नाटा है। चार अंतिम संस्कार होना है। अब आसार हैं कि सांवेर की कई पुरानी इमारतों की जांच की जाएगी।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि मृतकों के परिवारों को 50 लाख मुआवजा दिया जाए और घायलों को 25 लाख रुपए। इस हादसे में पूरी गलती प्रशासन की है। तीन महीने पहले ही चेताया था।