डेढ़ दर्जन अपराधों वाले मोनू चौरसिया गिरोह का प्लाॅट पर कब्जे का खेल…!

· Indore

डेढ़ दर्जन अपराधों वाले मोनू चौरसिया गिरोह का प्लाॅट पर कब्जे का खेल…!

इंदौर : नगर प्रतिनिधि। ढेरों अपराधों से लदा गुंडा, नगर निगम और पुलिस के साथ गठजोड़ कर बरसों से प्लाटों पर कब्जे का खेल कर रहा है। पुलिस आयुक्त संतोषसिंह के पास मामला पहुंचा है। डीसीपी क्राइम की टीम जांच करेगी।

संजय गांधी नगर बिजलपुर के महेश मुरारीलाल नागदावाला ने पुलिस आयुक्त संतोषसिंह को शिकायत की है। इसमें कहा है कि उसने दुर्गानगर तेजपुर गड़बड़ी में नवदुर्गा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित का प्लाट नंबर 4 खरीदा था। इसका उसके पास आवंटन लेटर और दस्तावेज हैं। प्लाट राजेश कलंदरसिंह निवासी छत्रछाया कालोनी पीथमपुर (धार) से खरीदा था।

प्लाट पर 4 जून को गए थे तो वहां पर अनिलकुमार शिवप्रसाद प्रजापत 475-सी प्रजापत नगर का बोर्ड लगा दिखा। उसका मोबाइल नंबर 94257-50402 लिखा हुआ है। प्लाट पर तारफेंसिंग भी कर दी गई है। प्लाट नंबर 163 लिखा है। प्रजापत को फोन किया तो उसका मोबाइल बंद था।

जानकारी जुटाई तो पता चला कि प्रजापत, मोनू रामचंद्र चौरसिया निवासी मानसी पैलेस द्वारकापुरी का साथी है। चौरसिया की पुलिस और नगर निगम से सांठगांठ है। इस कालोनी के खाली प्लाटों के ये फर्जी दस्तावेज कब्जा करते हैं। चौरसिया पर मुकदमें दर्ज हैं। ज्यादातर मामले धोखाधड़ी के हैं। नवदुर्गा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित के भी कुछ पदाधिकारी इनसे मिले हुए हैं। नागदावाला का कहना है कि गिरोह में उसका ड्रायवर मनीष बैरागी भी है। हमने द्वारकापुरी थाने में शिकायत की थी तो उक्त प्लाट की रजिस्ट्री गिरोह ने पेश की थी, उस पर प्लाट नंबर 181, सत्यदेवनगर, खसरा 9/1 लिखा था। प्लाट की साईज 20 बाय 40 थी। इस आकार का दुर्गानगर में कोई प्लाट नहीं है। यहां 15 बाय 40 या फिर 30 बाय 40 के प्लाट हैं। प्रजापत की रजिस्ट्री में संस्था का नाम डाक-तार कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित लिखा है।

जांच में एसीपी ने प्रजापत को बुलाया तो मनीष बैरागी और उसका लड़का यहां गए। लड़के ने वहां खुद को अनिल प्रजापत का लड़का बताया। पुलिस से सांठगांठ थी, इसलिए यहां भी इनका कुछ नहीं हुआ। प्लाट पर जाता हूं तो चौरसिया और उसके गिरोह के लोग मेरे साथ मारपीट करते हैं। जान से मारने की धमकी देते हैं।

महाराष्ट्र की टोन, मोबाइल बंद : अनिल प्रजापत से बात करने के लिए उसके मोबाइल (94257-50402) पर फोन लगाया तो महाराष्ट्र की टोन बज रही थी और मोबाइल बंद था।