जो बोलना है बोलो'... स्वरा भास्कर

मैंने ऐसा क्या कह दिया, बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है, स्वरा भास्कर ने कहा,’ मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या महल की बाकी औरतें कायर थीं। क्लाइमेक्स देखकर कहा था, अगर मैं होती तो कायर महसूस करती कि मैंने जान क्यों नहीं दी, कि बलात्कार के बाद जिंदा बच गई तो मैं कायर हूं।’
फिल्म पद्मावत (2018) के आखरी सीन पर स्वरा ने पहले भी बात की थी। सहलेखक प्रकाश कपाडि़या ने बताया, ’’हमने खोज कर इतिहास में लिखा ही दिखाया है, हर इंसान खुद के हिसाब से सोचता है। जौहर वाला दृश्य उस वक्त की सच्चाई है जो बदला नहीं जा सकता। उस वक्त के हालात यही थे, इसलिए केसरिया पहना था। राजपूतों में केसरिया रंग जब पहना जाता था कि अब जंग में जीत हासिल नहीं हो तो आखिर मरते दम तक लड़ते रहो। कपाडि़या कहते हैं, स्वरा की बात तो नहीं जानता, लेकिन इस बात पर जो हल्ला हो रहा है, उसका जवाब दे रहा हूं। यह तो देखने वाले की सोच पर है कि किस नजरिए से फिल्म देख रहा है। गलत बताने के लिए इरादतन बुरा कहने के लिए और विवाद पैदा करने के हिसाब से।