तिलक + नीतिश + नमन = हार्दिक

· Indore

तिलक + नीतिश + नमन = हार्दिक

बीच के ओवर में बल्लेबाजी, अंत में फिनिश, नई गेंद फैंकना और डेथ ओवर में बचके निकलना, यह सभी काम अकेले हार्दिक पंड्या आसानी से कर लेते हैं, लेकिन शरीर इतना मजबूत नहीं है कि सभी काम झेल सके। फिट हार्दिक का इंतजार कोच गौतम गंभीर ने खूब किया, लेकिन समझ गए कि आस लगाने से बेहतर है कि आगे बढ़ा जाए। नतीजा यह निकला कि तीन खिलाड़ियों ने मिल कमी पूरी कर दी है।

तिलक वर्मा बीच के ओवरों में संभालना जानते हैं, नमन धीर आते ही छक्के लगा देते हैं तो नीतिश कुमार रेड्डी और धीर गेंदबाजी में मिल ओवर निकाल देते हैं। वर्मा पहले ही साबित कर चुके हैं कि उनमें मैच खत्म करने के गुण है। गेंद के पीछे ताकत लगाने के बजाए गैप ढूंढने पर भरोसा रखते हैं और जैसे ही मुश्किल वक्त आता है, चट्टान की तरह खड़े हो जाते हैं। वर्मा के लिए तो हार्दिक ही कह चुके हैं कि इतनी काबिलियत है कि गेंद को सिर्फ देखने की जरूरत है, शॉट तो अपने आप लगा देंगे।

रेड्डी ने गेंदबाजी सुधारी है। पहले एक जैसी गेंद फैंकते थे, लेकिन अब हार्ड लैंग्थ पर हिट कर पा रहे हैं। रेड्डी में हार्दिक जैसी चतुराई नहीं है। हार्दिक माहौल के हिसाब से खुद को बदलने में माहिर हैं। नई गेंद से गेंदे भी फैंक लेते हैं तो पुरानी से कटर और यॉर्कर से ओवर निकाल देते हैं। रेड्डी पर अभी ज्यादा भार डालने की जरूरत नहीं है। रही बात बल्लेबाजी की तो धीरे-धीरे वो भी जोर पकड़ रही है।

नमन हैं तो बल्लेबाज, लेकिन गेंदबाजी से इतना भरोसा पैदा कर दिया है कि दो-तीन ओवर तय मान सकते हैं। भारत के पास आते ही चौके-छक्के मारने वाले की कमी थी तो इंदौर में विंडीज के खिलाफ उस कमी को भी दूर कर दिया। तब से ही लगातार गेंद को हवा में उड़ा रहे हैं। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक बताते हैं कि नमन के बारे में अच्छी बात है कि अपना रोल जानते हैं और बिना बोले उसके मुताबिक काम दिखाते हैं। किसी भी नए लड़के में ऐसी खूबी कम ही देखने को मिलती है। हार्दिक से शरीर थोड़े भारी हैं और हार्दिक की ही तरह लेग साइड उड़ाने की तरफ देखते हैं।

टीम इंडिया ने हार्दिक का तोड़ निकाल लिया है तो लड़कों के आदमी बनने का सफर भी शुरू हो गया है। यह जीत नए लड़कों को भरोसा दिला रही हैं कि उनमें टीम इंडिया का बोझ उठाने की कीबिलियत है। हालांकि शुरुआत है, लेकिन बाकी खिलाड़ियों को भरोसा दिलाने के लिए काफी है।