'लता जी को गाना था... रातभर नींद नहीं आई...!'

आपने शुभा मुद्गल से रॉक सांग गवाया, ये कैसे संभव हुआ?
*दरअसल शुभा मुद्गल के साथ एलबम बनाया था ‘अब के सावन।’ पांच गानों की रिकार्डिंग हो चुकी थी, छठवां बाकी था। मैं घबरा रहा था, क्योंकि वह गाना कुछ अलग था। प्रसून जोशी ने लिखा था। एक दिन शुभा जी बोलीं कि ये छठवां गाना मुझे कब सुनाओगे। मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं उन्हें सुनाऊं, तो प्रसून बोले कि जब सुनाना नहीं है, तो संगीत बनाया क्यों। शुभा जी बहुत शॉर्प हैं, समझ गईं कि छठवें गाना में कुछ ऐसा है, जो मुझे बताने में संकोच हो रहा है और एक दिन स्टूडियो में आकर बोलीं कि आज तो गाना सुनकर ही जाऊंगी।
मैंने पहले तो माफी मांगी, तो बोलीं कि ऐसा क्या है जो माफी मांग रहे हो। मैंने कहा कि अभी तक सूफी सुनते आए हैं, पर मैंने रॉक सिंगर की कल्पना की है और ये वैसा ही गाना है। उन्होंने गाना सुना और बोलीं कि इसकी रिकार्डिंग एक बार में ही करना, क्योंकि ये हाई-पिच सांग है। जब गाना रिकार्ड हुआ, तो जैसे चमत्कार हो गया। वो गाना था ‘अब के सावन ऐसे बरसे, जिया तरसे…।’ ये शुभा जी का अकेला गाना है, जो उन्होंने रॉक स्टाइल में गाया है।
आज के संगीत पर क्या कहेंगे?
* कोविड के समय सोनू निगम का फोन आया और बोले कि एक गाना सोशल मीडिया पर बहुत चल रहा है कि ‘भगवान तू है कहां…’ और ये गाना इस कठिन समय में लोगों को बहुत हिम्मत दे रहा है। मेरे कहने का मतलब ये है कि आज जैसा भी संगीत बन रहा हो, आपका काम संगीत बनाना है। लोग उसे ले लेंगे, जब जरूरत पड़ेगी। चंद सुनकार भी अगर मिल जाएं, तो काफी है, बाकी तो बोनस है।यही मेरी जिंदगी कि फिलासाफी है। रहा सवाल आज के संगीत का, नई पीढ़ी अच्छा काम कर रही है। अच्छी कविता लिखी जा रही है, पर उन्हें मौके नहीं मिल पा रहे हैं। फिल्म बनाने वाले युवा पीढ़ी के टैलेंट को फिल्मा नहीं पा रहे हैं, पर मेरा विश्वास है कि कोई भी चीज ज्यादा दिनों तक गायब नहीं हो सकती। फिर दौर आएगा, फिर कोई गाना हिट होगा।
जब फिल्म ‘परिंदा’ बनी, शुरुआत में नहीं चली, पर आज ये फिल्म बुक्स मटेरियल है, मिसाल है। कई बार एक दौर निकल जाता है, फिर उस काम को मुकाम मिलता है, इसलिये हमारा काम है, जो सही लगता है, वो करते रहें, जब समय बदलेगा, तब कोई न कोई उसे वापस सुनेगा। ‘बावरा मन देखना चाहे सपना…’ आज भी लोग सुनते हैं, इसलिये मेरा ये कहना है कि हमेशा ऑडियंस को मत देखिये, अपने आपको भी देखिये। संगीत अच्छा है, तो दिलों में जगह बना ही लेगा।
किस गायक की तमन्ना है?
*मौका नहीं मिला मन्ना डे के साथ काम करने का और ये तमन्ना अधूरी रह गई। सभी गायक आवाज दे चुके हैं। विशाल शर्मा के साथ काम करना है। मेरा संगीत ही मेरी पहचान हो और ऐसा संगीत बनाऊं, जो सदियों तक याद रहे, बस मेरी यही तमन्ना है।