पं. प्रदीप मिश्रा ने हरतालिका तीज एक दिन आगे बढ़ाई

इंदौर नगर प्रतिनिधि। पंडित प्रदीप मिश्रा ने हरतालिका तीज को एक दिन आगे बढ़ा दिया है। रतजगा के लिये महीने भर से तैयारी कर
रहे आयोजकों को भी ऐन वक्त पर तारीख बदलना पड़ी। तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ चौदह सितंबर को मनाएंगे।
राजवाड़ा पर चौबीस बरस से हरतालिका तीज का जलसा करा रहे सतीश शर्मा ने बताया कि तेरह सितंबर को कार्यक्रम की तैयारी की थी। पाटनीपुरा और बाणगंगा के आयोजन भी इसी तारीख को रखे गए। तैयारी की थी। बैनर-पोस्टर लगा दिये। टैंट-तंबू और साउंड सिस्टम के साथ ही भजन सुनाने वाले को भी पक्का कर चुके थे। हरतालिका तीज की तारीख को लेकर असमंजस था। तीन दिन पहले पंडित प्रदीप मिश्रा ने हरतालिका तीज को चौदह सितंबर की बता दी। महिलाओं के फोन आने लगे कि तेरह को कार्यक्रम होगा तो वे नहीं आ पाएंगी। उपवास का रतजगा तो चौदह सितंबर को करना है। राजवाड़ा के जलसे की तारीख को शर्मा ने तेरह से चौदह की तो दूसरे इलाके के आयोजकों को भी तारीख बदलना पड़ी।
बगीचे में महिलाओं को दी थी सुविधा
शर्मा ने बताया कि चौबीस बरस पहले राजवाड़ा से रात दो बजे गुजरते वक्त शंकर लालवानी ने महिलाओं को बगीचे में भजन करते देखा था। बगीचे में लाइट नहीं जल रही थी, उन्होंने इंतजाम करने को कहा था। अगले साल छोटा मंच और लाइट का इंतजाम करके दिया। सौ-डेढ़ सौ महिलाएं जुट गई थीं। आज हजारों हैं। शिव-पार्वती के बारे में पं. प्रदीप मिश्रा की कही बातों को महिलाएं मानती हैं। इसलिए उनकी बताई तारीख पर हरतालिका तीज का जलसा करना पड़ रहा है।