‘वाटर-पोलो’ खेल रहे ट्रम्प और शी जिनपिंग

गुरुवार। इस साल में तीसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात हो रही है। उम्मीद नहीं है कि कुछ बड़े फैसले होने जा रहे हैं कि दोनों ही राजनीति को वाटर पोलो की तरह खेल रहे हैं कि ऊपर से तो नियम-कायदे नजर आ रहे हैं और पानी के अंदर एक-दूसरे को लात मार रहे हैं।
ट्रम्प की मंशा है कि चीन चाहे तो इरान पर दबाव बना कर होर्मुज का रास्ता खुलवा सकता है, जबकि चीन की उम्मीद है कि अमेरिका को भी मदद करना चाहिए और ताइवान को हथियार की अगली खेप अभी नहीं दें। दोनों देशों में याराना नहीं है, लेकिन झगड़ा भी है, यह दिखाना नहीं चाहते हैं।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं और ट्रम्प की पार्टी हारती नजर आ रही है। इसी नजरिये से ट्रम्प चाहते हैं कि चीन से ऐसा कुछ हासिल कर लें कि फिर से वोटर के सामने जा सकें। चीन में भी चुनाव हैं और जिनपिंग को यकीन है कि उनकी हालत बेहतर है और अगले पांच साल के लिए उनकी पार्टी को फिर मौका मिल जाएगा। ऐसी हालत में ट्रम्प को चीन की ज्यादा जरूरत है, जबकि चीन अपना उल्लू सीधा करना चाहेगा। ट्रंप प्रोटोकाल तोड़कर शी जिनपिंग के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे।
यानी ग्यारह साल बाद हो रही इस मुलाक़ात से किसी को फायदा हो सकता है तो चीन को, क्योंकि गरजमंद तो ट्रम्प हैं, ऐसे में उन्हें ज्यादा सख्त शर्तें मंजूर करना होंगी, जबकि चीन चिंदी देकर थान लेने की फिराक में रहेगा।