जमानत तो विजय-जुलूस... ‘अब हाजिर हो!’

· Indore

जमानत तो विजय-जुलूस... ‘अब हाजिर हो!’

नई दिल्ली। हत्या के मुलजिम को हाइकोर्ट ने जमानत दी, तो उसने जेल से घर तक विजय-जुलूस निकाल दिया। सुप्रीम कोर्ट को यह मगरूरी खटक गई। आदेश दिया कि जमानत रद की जाए और उसे पेश किया जाए।

मामला 27 अक्टूबर, 2022 का है। चरखी-दादरी इलाके की राजबाला ने शिकायत दर्ज कराई कि विशाल, जमीन पर कब्जा कर रहा है। थाने से दबिश आने के बाद विशाल और उसके लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। राजबाला और परिवार वालों को पीटा। वृद्ध की मौत हो गई। चार साल जेल में काटने के बाद पिछले हफ्ते विशाल को जमानत मिली थी।

बताते हैं कि पांच बार जमानत रद हुई थी। दूसरे पक्ष का आरोप था कि विशाल गुंडा है… अगर जेल से बाहर आएगा, तो सबूत-गवाह से छेड़छाड़ करेगा। बार-बार जमानत रद होती रही। फिर तबीयत और जेल में अच्छे बर्ताव के मद्द‍ेनजर जमानत मिल गई। मुलजिम के लोग, छूटने के घंटों पहले ही जेल-गेट पर जमा हो गए। ढोल-नगाड़े, पटाखे, फूल माला सजा कर बैठे थे। खुली जीप में बैठा कर जुलूस निकाला। फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम पर डाले और धमकी भी दी गई।

पुलिस ने तो कुछ नहीं किया, लेकिन सबसे बड़ी अदालत ने मुश्कें कस दीं। पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट को जमानत रद करने का आदेश दिया। दोबारा हिरासत में ले लिया है। 21 सितंबर को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट भी निगरानी कर रहा है। इलाके के एस.पी. को फटकार लगाई कि जब हुड़दंग पर रोक है, तो इतना बड़ा जुलूस कैसे निकला। ट्रैफिक रोक दिया। आम को परेशान होना पड़ा… आप क्या कर रहे थे।