देर कर दी आते-आते!

· Indore

देर कर दी आते-आते!

हितानंद शर्मा के बाद से संगठन मंत्री की कुर्सी खाली थी, जिसकी वजह से भाजपा को नुकसान हो रहा था। बिना संगठन मंत्री के काम तो हो रहा था, लेकिन जैसा होता रहा है, वैसा नहीं था। कई तरह के पंगे थे, जिन्हें सुलझाने वाला कोई नहीं था। इधर-उधर से नेता भेजे जा रहे थे।

ऊपर से भी कुछ को छोड़ा गया, जिन्होंने बात बनाने की कोशिश की, लेकिन बात बन नहीं रही थी। पुराना सिस्टम याद किया जा रहा था, जिसकी आखिरकार सुनवाई हुई है और चंद्रशेखर को मध्यप्रदेश भेज दिया गया है। हालांकि अभी आए नहीं हैं, लेकिन उनके काम करने का तरीका पहले ही आ गया है। राजस्थान में उन्होंने जो किया था, क्या वही मध्यप्रदेश में होगा? इसका पता आगे चलेगा कि यहां कैसे और क्या करते हैं। लेकिन नेताओं ने संगठन मंत्री के ना रहने के दौरान जो जोड़-तोड़ कर ली थी और अपने-अपने फायदे-नुकसान के दरवाजे खोल लिए थे, उन्हें फिर जमावट करना होगी। भाजपा में संगठन मंत्री ताकतवर होता है।

सुभाष भगत और हितानंद शर्मा का जलवा सबने देखा है, जिन्होंने कई को बना दिया था, कई को पटका था। फिर इस बार तो चंद्रशेखर हैं, जो इस काम में माहिर रहे हैं। भाजपाई सियासत में हलचल है और सब ने चंद्रशेखर की कुंडली निकालना शुरू कर दी है कि कैसे पहुंचना है, क्या करना है और कैसे जगह बनाना है!