नाराज अमिताभ ने तस्वीरें लीं...!

गायक सुखविंदर इंदौर आए थे। उन्हें उज्जैन जाना था। उनका कॉल आया कि इधर आ रहा हूं तो मीडिया से बात कर लेता हूं। सयाजी होटल में मीडिया को बुलाया। सुखविंदर ने जवाब देने के बजाये गाना शुरू कर दिया और एक घंटे गाते रहे।
क्या ही मंजर था ! सवाल लेकर आए थे, थिरक रहे थे। पहली बार किसी कलाकार ने मीडिया को इस तरह एंटरटेन किया था। उनका तरीका कामयाब रहा। फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ की स्टार कास्ट आमिर खान, माधवन और शरमन जोशी का मीडिया ने ढाई घंटे इंतजार किया। ऐसा इंदौर में पहली बार हुआ। असल में विधु विनोद चोपड़ा और चेतन भगत के बीच राइटिंग का मामला गरमा गया था। भगत ने कह दिया था कि ठीक से नाम श्रेय नहीं दिया। जवाब में बताया कि उन्होंने तकरीबन 9.9 लाख रुपये में अधिकार बेच दिए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधु विनोद चोपड़ा पत्रकार पर भड़क गए, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी।
आमिर खान और चेतन भगत के बीच भी तीखी बयानबाजी हुई थी। विधु विनोद चोपड़ा आने वाले थे, लेकिन आखिरी मौके पर नहीं आए। आमिर खान का इंतजार कर रहे थे। देरी से आए और सबसे पहले माफी मांगी कि आपको इंतजार करना पड़ा। माहौल थोड़ा ठंडा हुआ। फिर बोले कि सौ सवाल पूछोगे तो सौ जवाब देंगे। मुंबई और दिल्ली में जो बातें बनी थीं, उन्हें इंदौर से हवा मिल सकती थी, लेकिन आमिर खान ने जिस तरह जवाब दिए और पूरे मामले को सुलझाया, उससे हुआ यूं कि किसी को कोई मसाला नहीं मिल पाया। खामोशी से सब निपट गया। तब पता चला कि कलाकार भी मीडिया से निपटने के गुर सीखते हैं। अमिताभ बच्चन जब ट्रेजर आइलैंड में आए थे तो हंगामा हो गया था। जैसे-तैसे उन्हें वहां से निकालकर ले जाया गया था। इसके बाद उन्होंने ब्लॉग में लिख दिया था कि आज इंदौर में मेरे कपड़े फटते-फटते बचे।
उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। डेढ़ साल बाद इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन ने उन्हें बुलाया था और मीडिया से बात की जिम्मेदारी हमारी थी। पिछली बार जो हुआ था, उसके बाद लग नहीं रहा था कि बात करेंगे। मीडिया ने कोशिश की तो अमिताभ बच्चन ने उनकी तरफ देखा ही नहीं और तकरीबन इनकार कर दिया। मीडिया वाले मेरी तरफ देख रहे थे कि जब बात ही नहीं करनी है तो हमें बुलाया क्यों ? नाराजगी बढ़ रही है। मैंने दुखी चेहरे से अमिताभ बच्चन की तरफ देखा और उनसे कहा कि प्लीज, कुछ कीजिए। शायद मेरी हालत देखकर बोले, ‘चलो, ठीक है, कुछ कर लेते हैं। ‘उन्होंने फोटोग्राफर्स में से एक का कैमरा लिया और मंच से ही तस्वीरें लेना शुरू कर दीं। इस तरह हमारे कपड़े फटते-फटते बचे। बाद में तो वो तस्वीरें यादगार हो गईं।
पूनम पांडे का बयान था कि भारत वर्ल्ड कप जीत गया तो सारे कपड़े उतार देंगी। ऐसा कुछ हुआ नहीं और उनका इंदौर आना हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस हमें ही करना थी। पूनम पांडे सामने आईं तो मीडिया ने सवाल शुरू कर दिए कि वादा निभाइए, क्योंकि आपने कहा था। हंगामा ही था। पूनम ने कहा कि अपनी बात पर कायम हैं, लेकिन बीसीसीआई ने मना कर दिया और सुरक्षा की वजह से ऐसा नहीं कर पाईं। बाद में जब सवाल बढ़ने लगे तो कबूल किया कि मैंने पब्लिसिटी स्टंट कार्ड खेला था। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था।
रॉ वन के लिए शाहरुख खान को बुलाया तो दिक्कत हो गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस तो करते हैं, लेकिन ज्यादा बात नहीं और उन्हें इंटरव्यू दे देते हैं। यहां भी यही किया। दूसरे हमारे माथे आ गए कि हमसे क्यों बात नहीं की जा रही है! लेकिन शाहरुख खान को तो कोई समझा नहीं सकते थे। जैसे-तैसे उन्हें लाया गया, लेकिन सिर्फ फोटो खिंचवाए, बात नहीं की और चले गए। फिर मीडिया नाराज था।
वैसे भी, इस तरह के जब मामले होते हैं तो मीडिया वालों की नाराजगी हम पर ही निकलती है। उनके चेहरे के बदलते रंग से हमें पता चल जाता है कि क्या गड़बड़ हो रही है, लेकिन कलाकार को उस वक़्त समझाना आसान नहीं होता है और शाहरुख खान को तो मुमकिन ही नहीं है !