इस हफ्ते.... मनोरंजन

शक: ट्रस्ट नो वन (नेटफ्लिक्स | 24 सितंबर)
नौ साल पहले खोई बच्ची को ढूंढती माँ, जहाँ हर मोड़ पर गहराता है झूट और फरेब का जाल। परिणति चोपड़ा, ताहिर राज भसीन और जेनिफर विंगेट हैं इसमें। दावा है, रोमांचक बनी है।
हुंकार: द रोअर (जियो हॉटस्टार | 25 सितंबर)
जुर्म, सत्ता और इंसाफ की जंग। फातिमा सना शेख, जीशान अय्यूब और अर्जुन माथुर की अपराध गाथा सिस्टम के सच को बेनकाब करने का दावा करती है।
टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स (ज़ी5 | 25 सितंबर)
रॉकिंग स्टार यश का डबल रोल और गोवा के अंडरवर्ल्ड का खूनी दौर। हिंसा और धोखे के खेल में डॉन अपने ही साम्राज्य से टकराता है।
डोंट बी शाय (प्राइम वीडियो | 25 सितंबर)
ज़िंदगी की हर प्लानिंग तब धरी की धरी रह जाती है जब ‘पहला प्यार’ और दिल टूटने का चक्कर दस्तक देता है। 20 साल की ‘शाय’ की ज़िंदगी का यह खट्टा-मीठा, खुद से जोड़ने जैसा है। हल्का-फुल्का और ताज़ा मनोरंजन हो सकता है।
हबीबी (सोनी लिव | 25 सितंबर)
मोहब्बत जब रिवाजों और समाज से टकराती है, तो बगावत शुरू होती है। तमिलनाडु की ड्रामा फिल्म, परंपरा और प्यार के गहरे टकराव को दिखाती है।
बकैती सीज़न 2 (ज़ी5 | 25 सितंबर)
कटारिया परिवार की बेतुकी नोंकझोंक, देसी तंज और आम जीवन का महा-डोज़ लेकर आई है। ‘बकैती’! इस बार एक ही छत के नीचे कटारिया परिवार, जेब में पैसों की तंगी और रिश्तों में भरपूर खटपट—मगर जब मुश्किल घड़ी आती है, तो यही बेतरतीब कुनबा साथ खड़ा हो जाता है।
उड़ता तीर — ट्रेलर
भारत में जासूसी के लिए भेजा पाकिस्तानी एजेंट याददाश्त खो बैठता है और खुद को हिंदुस्तानी समझ आकाओं के छक्के छुड़ाने लगता है! कल्पना अच्छी है।
दुपहिया सीज़न 2 — ट्रेलर
मोटरसाइकल मिली नहीं कि अब मोबाइल टावर ने मचा दिया धड़कपुर में हाहाकार! ‘क्राइम-फ्री’ गांव धड़कपुर की शांति फिर खतरे में है, जहां बनवारी झा (गजराज राव) की बंजर जमीन पर गड़ा मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, सियासत और आफत का बखेड़ा खड़ा कर देता है।
एवेंजर्स: एंडगेम - एनकोर (सिनेमाघरों में | 25 सितंबर)
‘एवेंजर्स: एंडगेम’ का यह खास भाग नए हिस्से, दृश्य और आने वाली ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ की पहली विशेष झलक के साथ फिर आ रही है। जब सुपरहीरोज़ का कुनबा थानोस से ब्रह्मांड को वापस छीनने के लिए आखिरी दांव खेलता है।
फॉरगॉटन आइलैंड (सिनेमाघरों में | 25 सितंबर)
जादुई दुनिया, पौराणिक शैतान और यादें खोने का खौफनाक जाल! ‘नकाली’ टापू पर, कदम रखते ही इंसान यादें भूलने लगता है। बचपन की अटूट दोस्ती की कहानी पूरे परिवार के लिए है!