सिंधिया को काले झंडे... मारा-पीटी हो गई!

दैनिक भास्कर के पहले पन्ने पर भोपाल की वारदात है कि परिवहन इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की उनके प्रेमी पवन द्विवेदी ने हत्या की है। दोनों शादी करना चाहते थे। दो महीने पहले मीनाक्षी का हाथ मांगने पवन, उनके पिता के पास गया था, लेकिन मीनाक्षी ने शादी का फैसला पिता पर छोड़ दिया था। इसके बाद से मीनाक्षी ने पवन से बातचीत बंद कर दी थी और अब कत्ल हो गया। पवन घर लौटा और करीब दो सौ मीटर दूर पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उस समय मीनाक्षी की तीन साल की बच्ची और सहेली कृतिका साहू दूसरे कमरे में सो रही थी।
पत्रिका ने इसे पहले पन्ने की पहली खबर बनाया है। लिखा है कि शादी करना चाहता था प्रेमी, रिश्ते में खटास आई तो आरटीओ इंस्पेक्टर के सिर पर हथौड़े से तीन-चार बार हमला कर कत्ल कर दिया और फिर बीस मीटर दूर पेड़ पर फंदा लगाकर खुद भी जान दे दी, यानी एक सौ अस्सी मीटर का फर्क है दैनिक भास्कर की खबर से। भोपाल में किराए के मकान में प्रेमी के साथ रहती थी। रात में लड़की और सहेली के साथ लौटी, सुबह लाश मिली। कहीं कितना ही बड़ा मामला क्यों न हो जाए, लेकिन नईदुनिया की चाल में तब्दीली आती नहीं है।
पहले पन्ने पर सपाट खबर है और बताया है कि इंदौर निवासी आरटीओ इंस्पेक्टर की हत्या कर प्रेमी ने भी फांसी लगा ली। ऊपर वाले पन्ने की पहली खबर सागर शराब-कांड से बनी है। बड़ी कार्रवाई हुई है और 39 पुलिसवालों को लाइन अटैच किया है। ग्वालियर से लिखा है कि ज्योति सिंधिया भाषण दे रहे थे, तभी हंगामा हो गया। काले झंडे दिखाए गए, युवाओं ने नारेबाजी की। बाहर निकलने को लेकर दोनों तरफ से मारपीट हुई, कुर्सियां फेंकी और सोशल मीडिया पर वीडियो चल रहा है।
फर्जी पासपोर्ट मामले में पत्रिका बड़ी खबर लिख रहा है कि बांग्लादेश के बौद्ध मठ से घुसपैठ की साजिश रची थी। भोपाल से दैनिक भास्कर के लिए सुनील सिंह बघेल लिख रहे हैं कि सागर में छत्तीस मौतों वाले जहरीली शराब-कांड का सरगना मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर फरार है। इनाम भी है, लेकिन बैंक खाता चल रहा है। बैंक में उसके तीन चेक लगे और लाखों रुपए निकल गए। कितना और क्या-क्या निकल गया है, खबर में है। दमदार खबर है।
संध्या यादव पर कैलाश विजयवर्गीय ने जो बोला था, उस पर कल तो नईदुनिया ने कुछ नहीं लिखा था, लेकिन आज कांग्रेस के बयान को फैलाकर छापा है कि भाजपा को कार्रवाई करना चाहिए, वहीं संध्या यादव इसे कांग्रेस का दुष्प्रचार बता रही हैं कि कैलाश विजयवर्गीय तो मेरे पिता समान हैं, उन्होंने मुझे गोद में खेलाया है। विपिन वानखेड़े बोले कि मिमिक्री आर्टिस्ट की मिमिक्री में कोई अपमान या गलत शब्द नहीं था, उस पर भाजपा के नेता बवाल मचा देते हैं, लेकिन जब उनके मंत्री उनकी ही महिला नेता और पार्षद पर सरेआम गलत बात करते हैं तो आवाज नहीं निकलती। मंत्री को माफी मांगना चाहिए।
पत्रिका ने कल ही खबर लिख दी थी और दैनिक भास्कर ने आज भी इस मामले में कुछ नहीं लिखा है। पांच दिन के बच्चे के ब्लड ग्रुप में दो पैथोलॉजी लैब की जांच में अलग-अलग ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट जारी हो गई। एक ने ब्लड ग्रुप-ए पॉजिटिव बताया, दूसरे में भी पॉजिटिव निकला। पिता के सवाल उठाने पर पहले लैब ने रिपोर्ट को गलत प्रिंट होना बताया और बाद में बी पॉजिटिव रिपोर्ट जारी कर दी। इंदौर के इस गड़बड़झाले को पत्रिका ने ऊपर वाले पन्ने की बड़ी खबर बनाया है।
अगले पन्ने पर सवाल है कि बड़े होटलों की तो जांच कर ली, लेकिन रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की होटलें क्यों छोड़ दीं? यात्रियों की थाली पर कौन ध्यान देगा? युवा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोशी का एयरपोर्ट पर स्वागत हुआ है, ऐसा इसी पन्ने पर लिखा है, लेकिन नईदुनिया बता रहा है कि मुसाफिरों को परेशानी हुई और एयरपोर्ट पर युवा भाजपाइयों ने खूब गदर मचाया है। नईदुनिया के पेज तीन का हेडिंग है- निगम की सड़क ने फिर उबला भ्रष्टाचार का गड्ढा। पांच हफ्ते में चौथी बार सड़क धंसी है। नगर निगम ने मिट्टी-मुरम डालकर लीपापोती कर दी है और बहानेबाजी वही है, जो हमेशा से होती आई है।
पत्रिका ने गड्ढा तो दिखाया है, लेकिन जितना बड़ा मामला है, वैसी जगह नहीं है। सवाल है कि शहर में सड़कें क्यों धंस रही हैं? जिम्मेदारों को बताना चाहिए। दैनिक भास्कर ने सड़क के गड्ढे में नगर निगम को उतार दिया है। पंद्रह फुट का गड्ढा है और महीने में दूसरी बार ऐसा हुआ है। स्मार्ट सिटी के कामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम कमिश्नर कह रहे हैं कि पुरानी लाइन में मिट्टी का कटाव हुआ, जिसकी वजह से सड़क धंस गई है।
राहुल दुबे ने इंदौर से खबर दी है कि जंगल महकमे में करीब 28 साल पहले हुई वनरक्षकों की भर्ती सवालों के घेरे में है। जिनकी ऊंचाई उस समय जमा किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के हिसाब से मान ली गई थी, शिकायत मिलने के बाद अब उनकी दोबारा नपती कराई जा रही है, यानी 28 साल बाद जागे हैं। हरिनारायण शर्मा के मुताबिक रियल एस्टेट हब इंदौर में जमीन-प्लॉट हथियाने के लिए फर्जी दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर का नया खेल सामने आया है। पड़ताल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कहीं जमीन मालिक के रिकॉर्ड में दर्ज गलत नाम का फायदा उठाकर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई, तो कहीं 2002 की रजिस्ट्री में 2013 के स्टांप मिले हैं।
चौदह साल की लड़की से बलात्कार के मामले में विष्णु प्रसाद विष्णु और कमलेश उर्फ कालू को 20-20 बरस की सजा विशेष अदालत ने सुनाई है। इंदौर से खबर नईदुनिया ने लिखी है। नशे में पिता ने आठ साल के लड़के को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया है। प्रहलाद पांडे को आज इसलिए छाप दिया है कि अनशन के छठे दिन महापौर ने उनसे फोन पर बात की है। इंदौर में बारिश तो हो नहीं रही है, बल्कि तपिश बढ़ रही है और तापमान 33 डिग्री पर पहुंच गया है। सितंबर भी बिना मानसून के विदा होता दिख रहा है। पत्रिका ने लिखा है, अलनीनो ने छीनी हमारी बारिश, अब सीजन का कोटा पूरा होने की उम्मीद कम।
हिंदुस्तानी नागरिकता मिलने से पहले सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ने के इलजाम पर फिर सुनवाई होगी। सेशन कोर्ट ने स्पेशल जज की जांच से इनकार करने वाले मजिस्ट्रेट के फरमान को रद्द कर दिया है और इस मामले को फिर से सुनने को कहा है। दैनिक भास्कर ने इसे ऊपर वाले पन्ने की खबर बनाया है, वहीं नईदुनिया ने ऊपर ही सोनिया की तस्वीर के साथ जानकारी दी है। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के 105 मामले सीसीटीवी में कैद हैं। खबर अगले पन्ने पर है, जबकि प्रजातंत्र ने इसे पहले पन्ने की पहली खबर बनाया है। मणिपुर में अठारह बरस के लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी है।
बिहार में दसवीं पढ़ने वाली लड़की से हैवानियत की गई। गिड़गिड़ाती रही, बदमाश उसे घसीटते रहे और वीडियो भी बनाते रहे। सोशल मीडिया पर हंगामा है। खबर देश-विदेश वाले पन्ने पर है, लेकिन बाकी ने तो इसकी तरफ जाना ही मुनासिब नहीं समझा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी भी आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से पहले उस बंदे को आसान भाषा में लिखकर वजह बताना उसका अधिकार है।
ऐसा नहीं करने वाले अफसर के खिलाफ कार्रवाई होगी। पत्रिका ने सुप्रीम कोर्ट की इस बात को पहले पन्ने पर लगाया है। आखिरी पन्ने पर भी सुप्रीम कोर्ट है, जिसने जेंडर की वजह से नौकरी से महरूम हरियाणा की सुमित्रा को बारह लाख रुपए मुआवजा देने का फरमान इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को दिया है। अदालत का कहना है कि नारी का अपमान और उसकी गरिमा के खिलाफ है। अदालत ने पूछा कि क्या आपको लगता है कि महिलाएं एलपीजी सिलेंडर नहीं उठा सकतीं? वो घर में रोज ऐसा काम करती हैं।
मद्रास हाइकोर्ट ने कहा है कि किसी का गोरा रंग, लंबा कद, अच्छा शरीर, तमिल और अंग्रेजी बोलने की आदत या घुंघराले बाल जैसी बातों के आधार पर नहीं कहा जा सकता कि ईसाई है। पूरे मामले को दैनिक भास्कर के आखिरी पन्ने से समझा जा सकता है।