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किराया पोसाया तो भूल जाएंगे प्रायवेट-बस...!

किराया पोसाया तो भूल जाएंगे प्रायवेट-बस...!

पालने में पूत के पांव से पता चलता है कि मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम (रोडवेज) जितना बदनाम होकर बंद हुआ, ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ उतना ही नाम कमाएगी। आने वाले दिनों में दूसरे सूबे सरकारी बस के मामले में मध्यप्रदेश से उसी तरह सीख लेंगे, जैसी सफाई के मामले में इंदौर से लेते हैं। दारोमदार किराए पर है, जेब पर बहुत भारी न हो, ऐसा होना चाहिए। मुख्यमंत्री के नाम वाली योजना में बस कैसे चलेंगी, इस पर ‘चिंतन-मनन’ का दौर कल ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुआ। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव आगाज के लिए पहुंचे। परिसर में खड़ी बसों का जायजा लिया, जो जल्द सड़क पर उतरना हैं। न केवल बैठने के लिहाज से आरामदायक हैं, हाईटेक इंतजामों से भी लैस हैं। और भी क्या बेहतर हो सकता है, उस पर बात के लिए बस बनाने वालों, चलाने वालों और नई तकनीक से लैस करने वालों को बुलाया गया था। उन सबका भी यही कहना था कि मध्यप्रदेश की सरकारी बसें मिसाल बन सकती हैं। बस सुविधाजनक होगी, तो सवाल कि किराया कितना होगा? इस बारे में सीधे तो कोई बात नहीं हुई, लेकिन इशारा जरूर मिला कि यात्रियों पर बोझ की बजाय कमाई के दूसरे तरीकों पर गौर किया जाएगा। इस लिहाज से बातचीत का तीसरा सत्र खास था। इसमें विचार हुआ कि किराए के भरोसे बस चलाने के बजाये इश्तेहार का सहारा लिया जाए। इस पर अमल से हो सकता है बसें तो इश्ते

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पेड-गरबा बंद हो, संगठनों की मांग!

Madhya Pradesh

पेड-गरबा बंद हो, संगठनों की मांग!

उज्जैन। ‘टिकट पर गरबा और जहां दुर्गा-प्रतिमा नहीं हो या घर-कलश की स्थापना न हो, ऐसे व्यावसायिक गरबा आयोजन पर रोक लगाई जाए।’ यहां धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजन मंच और हिंदू जागरण मंच ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर ऐसे गरबा आयोजन पर तुरंत रोक लगाने को कहा है। इनका यह भी कहना है कि ‘पेड-गरबा’ की प्रथा भी अब बंद होनी चाहिए। इसमें आम भक्त को आने नहीं दिया जाता है। भक्ति में टिकट का क्या काम है। भीड़ बढ़ाने के लिए नामी लोगों को बुलाते हैं और भद्द‍े नाच-गाने होते हैं। यहां आने वालों को अपनी पहचान भी बतानी होती है। आस्था को बाजार बना दिया है। यदि रोक नहीं लगी, तो वहां जाकर रोकेंगे।

इंदौर, जबलपुर, सागर में भारी बारिश के आसार

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इंदौर, जबलपुर, सागर में भारी बारिश के आसार

भोपाल। मानसून ने फिर से अपना असर बताना शुरू कर दिया है। कल भोपाल, दमोह, टीकमगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल में आंधी के साथ बारिश ने गाडि़यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। आज पंद्रह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी है। भोपाल, बुरहानपुर, रतलाम, बैतूल, मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया, मैहर, डिंडौरी, रीवा, सतना, पन्ना, मऊगंज, शिवपुरी, दतिया, शाजापुर में कही हलकी तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश से फसलों को नया जीवन मिला है। प्रदेश में पिछले साल से आठ फीसद कम पानी गिरा है। 22 जिले ऐसे हैं, जहां ज्यादा बारिश हुई है। ये जिले पूर्वी और उत्तरी म.प्र. के हैं।

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